Amrit Dhara - Dhyanyogi Omdasji

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शनिवार, 27 अप्रैल 2013

नववर्ष का आशीर्वाद

आज, नववर्ष के प्रथम दिवस पर, मेरा आशीर्वाद तुम सब के लिए कि तुम सब स्वस्थ, धनवान और प्रसन्न हो और जो तुम लोग कर रहे हो उन सब में तुम्हे उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो । 
                                                                                                             
नववर्ष का आरम्भ हमें अतीत के दर्द और दुःखों से छुटकारा पाने के लिए और पुनः तरोताजा प्रारम्भ करने का अवसर देता  है । स्वयं के अन्दर देखो और अतीत की सभी नकारात्मकता को नष्ट करो स्वयं अपने व्यक्तिगत स्व रूपंतारण के विषय में एक दृढ संकल्प लो । सीता राम की शक्ति और गुरुकृपा तुम्हारे संकल्प को नयी दिशा देगी और उसे सफल बनायेगी । 
                                                                                                                                         
सभी परिवर्तन को अन्दर से आना है । अपने अध्यात्मिक अभ्यासों में अधिक नियमित होने के लिए निष्पक्षता से कृत संकल्प हो । सीता राम का जाप नियमित रूप से करो और नियमित ध्यान करो । अपनी भक्ति में और अधिक कृतसंकल्प हो और ईश्वर और गुरु के प्रति समर्पित हो ।  गुरु भक्त सदैव गुरु द्वारा सुरक्षित होता है और उचित दिशा में मार्गदर्शन पाता है 
                                                                 
गुरु सूरज की तरह हैं । सूरज प्रत्येक पर निष्पक्षता से चमकता है । जो लोग बंद खिड़की एवं दरवाजों के पीछे घरों के अन्दर बैठे हैं, कोई गर्मी या प्रकाश नहीं प्राप्त करेंगे । गुरु निष्पक्ष रूप से सभी पर अपनी कृपा एवं प्रेम को बरसाते हैं । केवल वो लोग जो अपना जाप  एवं ध्यान नियमित रूप से करते हैं, इस अमृततुल्य बौछार को प्राप्त करेंगे । इसलिए प्रत्येक दिन अपने प्रेम एवं विश्वास को बढाने के लिए संकल्प लो और अपने अभ्यास में और अधिक अनुशासित हो एवं गुरु कृपा एवं प्रेम का आनन्द लो । वर्ष 2013 आपको अपने गुरु तथा ईश्वर के प्रति अधिक निकट लाये ।