Amrit Dhara - Dhyanyogi Omdasji

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मंगलवार, 12 मार्च 2013

तारक मंत्र - राम नाम

राम मंत्र को तारक मंत्र कहा जाता है । संस्कृत में तारक एक तारा है । तारा यात्री को भवसागर के पार जाने या विशाल रिक्त भूमि - जहाँ कोई ठहराव नहीं है - से पार जाने का मार्गदर्शन देने के लिए स्वर्ग एवं पराकाश में चमकता है । तारक मंत्र एक चमकता हुआ प्रकाश , एक मार्गदर्शक जो स्वयं को जन्म एवं पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त करने में सहायक है ।


भवसागर या भौतिक जीवन के महासागर से पार जाना सरल नहीं है । लेकिन ये अत्यधिक सरल हो जाता  है जब कोई एक सिद्ध गुरु और गुरु मंत्र प्राप्त कर लेता है । गुरु एक मार्गदर्शक (बेड़ा ) और मंत्र एक हथियार (चप्पू) है जो किसी को उचित दिशा एवं उचित मार्ग में सरलतापूर्वक  जीवन में (उड़ान) सफलता देता है ।

सदैव राम नाम / सीता राम मंत्र का जाप कीजिये ।